राम मंदिर में दान के कथित गबन को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग अगले साल के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ दल को इस ‘पाप’ के लिए सबक सिखाएंगे।
उन्होंने छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती के अवसर पर आयोजित अपने ‘आरक्षण दिवस: जनसंख्या के अनुपात में अधिकार’ कार्यक्रम में ये विचार व्यक्त किए।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विंग के अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने दावा किया, “एक दूरदर्शी नेता छत्रपति शाहूजी महाराज ने दलित, पिछड़े और समाज के वंचित वर्गों के लिए आरक्षण की नींव रखी। लेकिन भाजपा इस वर्ग को आरक्षण से वंचित करने के लिए सभी प्रयास कर रही है।”
जयहिंद ने दिन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया, “शाहूजी दबे-कुचले वर्ग के लिए आरक्षण की अवधारणा लाए और यहां तक कि दक्षिण अफ्रीकी नेता नेल्सन मंडेला भी यह देखने के लिए भारत आए कि इसे कैसे लागू किया जाए। लेकिन हमारे देश में, शाहूजी द्वारा आरक्षण के सिद्धांत को नजरअंदाज कर दिया गया है।”
यूपी कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने कहा, “राम मंदिर में चढ़ावे के ‘दुरुपयोग’ को लेकर जनता में आक्रोश है।” उन्होंने दावा किया कि लोग 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ दल को इस ‘पाप’ के लिए सबक सिखाएंगे।
यूपी कांग्रेस ओबीसी विंग के अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा, “कार्यक्रम में दलित, पिछड़े वर्ग, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय और भागीदारी सुनिश्चित करने पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।”