तय समय पर होंगे यूपी विधानसभा चुनाव, बढ़ाया जा सकता है जनगणना का काम: सीईसी ज्ञानेश कुमार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव समय पर होंगे और जरूरत पड़ने पर जनगणना का काम बढ़ाया जा सकता है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार. (फाइल फोटो)

कुमार ने इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल मैनेजमेंट, नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन में कहा, उत्तर प्रदेश में 24 मई, 2027 से पहले चुनाव होने हैं और चुनाव उससे पहले होंगे।

कुमार ने कहा कि विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है, इसलिए उत्तर प्रदेश में घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव नहीं होंगे।

उन्होंने कहा, “पहले यूपी में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) चल रहा था, एसआईआर 10 अप्रैल तक जारी रहा। उसके बाद पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में चुनाव हुए। इसके बाद आयोग अन्य चुनाव कार्यों में व्यस्त हो गया। अब आयोग थोड़ा फ्री है, लेकिन विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है, इसलिए वहां उपचुनाव नहीं होंगे।”

कुमार ने यह भी कहा कि देश में ऑनलाइन चुनाव कराने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

उन्होंने कहा, “देश में चुनाव संविधान के अनुसार कराए जाते हैं। संविधान ऑनलाइन चुनाव का प्रावधान नहीं करता है, इसलिए देश में ऑनलाइन चुनाव कराने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।”

यह कहते हुए कि चुनाव आयोग ने अपना एसआईआर कार्य संविधान और कानून के दायरे में किया, उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आयोग के खिलाफ 786 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 785 मामलों का फैसला चुनाव आयोग के पक्ष में किया गया, जबकि गोवा में एक मामले का फैसला इसके खिलाफ किया गया।

उन्होंने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता जागरूकता के कारण मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 92% से अधिक मतदान हुआ, यह दर दुनिया के किसी भी अन्य देश से बेजोड़ है।”

यह देखते हुए कि ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, पेरू और ब्राजील सहित 22 देशों में मतदान अनिवार्य है, उन्होंने कहा कि कुछ देश मतदान न करने पर वित्तीय जुर्माना भी लगाते हैं।

उन्होंने कहा, इसके बावजूद, मतदान प्रतिशत अभी भी कई भारतीय राज्यों की तुलना में कम है।

उत्तर प्रदेश में जनगणना का तीसरा चरण, जिसमें घर-घर जाकर लोगों की गिनती की जानी है, फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। वहीं, 2017 और 2022 की समय सारिणी के अनुसार, विधानसभा चुनाव भी फरवरी-मार्च 2027 में होने की संभावना है।

जनगणना और चुनाव एक साथ कैसे कराए जा सकते हैं, इस सवाल के जवाब में कुमार ने कहा कि जनगणना एक कानूनी प्रक्रिया है जबकि विधानसभा चुनाव एक संवैधानिक प्रक्रिया है।

उन्होंने कहा, इसलिए संवैधानिक प्रक्रिया अधिक महत्वपूर्ण है।

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