पाकिस्तान ने चीन से बहु-मिशन संचार उपग्रह प्रक्षेपित किया

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पाकिस्तान ने चीन से बहु-मिशन संचार उपग्रह प्रक्षेपित किया

उपग्रह अपनी नियोजित कक्षा में प्रवेश कर गया।

इस्लामाबाद/बीजिंग:

पाकिस्तान ने गुरुवार को अपने सदाबहार मित्र चीन की मदद से तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए एक बहु-मिशन संचार उपग्रह प्रक्षेपित किया। इस तरह यह एक महीने के भीतर कक्षा में भेजा जाने वाला इस्लामाबाद का दूसरा उपग्रह बन गया।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, बहु-मिशन संचार उपग्रह, जिसे पाकसैट एमएम1 के नाम से भी जाना जाता है, को चीन के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत सिचुआन के शीचांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से प्रक्षेपित किया गया।

इसमें कहा गया कि उपग्रह अपनी नियोजित कक्षा में प्रवेश कर गया है।

सरकारी प्रसारक पाकिस्तान टेलीविजन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि उपग्रह “पूरे पाकिस्तान में बेहतरीन इंटरनेट सुविधाएं प्रदान करेगा” और टेलीविजन प्रसारण, सेलुलर फोन और ब्रॉडबैंड सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, उपग्रह अगस्त में सेवा प्रदान करना शुरू कर देगा।

सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस पाकिस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, प्रक्षेपण पर देश को बधाई देते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह उपग्रह पूरे देश में सबसे तेज इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

रिपोर्ट में श्री शरीफ के हवाले से कहा गया है, “मैं पाकिस्तान में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर PAKSAT MM1 के संभावित प्रभाव को लेकर विशेष रूप से उत्साहित हूं। अपनी अत्याधुनिक संचार प्रौद्योगिकी के साथ, यह उपग्रह हमारे डिजिटल परिदृश्य में क्रांति लाने और पूरे देश में सबसे तेज इंटरनेट सुविधा प्रदान करने का वादा करता है।”

श्री शरीफ ने कहा कि PAKSAT MM1 न केवल पाकिस्तानी नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाएगा बल्कि आर्थिक गतिविधियों, ई-कॉमर्स और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने में भी योगदान देगा।

रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि चीन के उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से किया गया प्रक्षेपण “दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग और साझेदारी का प्रमाण है।”

उन्होंने कहा, “ऐसे सहकारी प्रयासों के माध्यम से ही हम अपने देश को आगे बढ़ा सकते हैं और अपने लोगों के लाभ के लिए प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग कर सकते हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि उपग्रह का पृथ्वी से 36,000 किलोमीटर ऊपर भूस्थिर कक्षा में स्थापित होना एक “प्रभावशाली उपलब्धि” है, जो देश की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।

पिछले सप्ताह एक बयान में पाकिस्तान के अंतरिक्ष एवं ऊपरी वायुमंडल अनुसंधान आयोग (सुपार्को) ने कहा था कि उपग्रह का प्रक्षेपण राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम 2047 का एक हिस्सा है।

द न्यूज इंटरनेशनल समाचार पत्र ने सुपार्को के बयान का हवाला देते हुए बताया था, “PAKSAT MM1 की परिकल्पना सुपार्को और चीनी एयरोस्पेस उद्योग के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में की गई थी, जो संचार और कनेक्टिविटी के व्यापक स्पेक्ट्रम में देश की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखता है।”

प्रक्षेपण में उपस्थित योजना मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि पाकिस्तान जल्द ही अपने प्रक्षेपण स्थलों से उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा।

उन्होंने कहा, “वह दिन दूर नहीं जब हम पाकिस्तान के अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से अपने रॉकेटों के जरिए अपने उपग्रहों को प्रक्षेपित करेंगे। पाकिस्तान को बधाई।”

3 मई को पाकिस्तान के मिनी उपग्रह ‘आईक्यूब-क़मर’ को चीन के चांग’ए-6 चंद्र मिशन के हिस्से के रूप में हैनान प्रांत से प्रक्षेपित किया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने अंतरिक्ष में कम से कम छह उपकरण भेजे हैं, जैसे BADR-A, BADR-B, PAKSAT 1-R, PRSS-1, PakTes 1-A और iCube Qamar।

3 मई को प्रक्षेपण के बाद, आईक्यूब-क़मर ने 8 मई को अंतरिक्ष में चढ़ने के बाद चंद्र की कक्षा में ली गई चंद्रमा की पहली तस्वीरें भेजीं।

(शीर्षक को छोड़कर, इस कहानी को एनडीटीवी स्टाफ द्वारा संपादित नहीं किया गया है और एक सिंडिकेटेड फीड से प्रकाशित किया गया है।)

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